लुप्त हो चुके काफ़ी पहले, इनसे मिलते-जुलते प्राणी

चुनाव-महासंग्राम में !
काला धन सबका आता है काम में !!

सोनिया !
इनके भाषण से विरोधियों, को हो जाये निमोनिया !!

 

राहुल !
दाढ़ी की जुओं ने भाषण, सुना बहुत आपस में मिलजुल !!

उमा भारती !
जिसका भी प्रचार करती हैं, वही पार्टी हारती !!

माया !
हाथी की पैकिंग ने इनका, तबियत से प्रचार करवाया !!

मुलायम !
लैपटौप अपनी पॉकिट से, देने पर रह लेंगे क़ायम ??

अखिलेश !
पिता देश की बागडोर लें, यह देखें उत्तर प्रदेश !!

आडवाणी !
लुप्त हो चुके काफ़ी पहले, इनसे मिलते-जुलते प्राणी !!

मोदी !
जो भी मिला विरोधी दल में, उसकी क़ब्र स्वयं ही खोदी !!

अनशन !
बड़े-बड़े नेतागण इसको, कहते हैं प्रायोजित फंक्शन !!

You can leave a response, or trackback from your own site.

Leave a Reply